कितने अरमान हम दिल में ले के चले
कितने अरमान हम दिल में ले के चले,
कुछ मिला ना मिला गिले शिकवे मिले।
वो दौर दीवानगी था अब दौरे समझदारी है,
कल तक जितने मिले वो आज कहाँ मिले ?
कुछ मिला ना मिला गिले शिकवे मिले।
वो दौर दीवानगी था अब दौरे समझदारी है,
कल तक जितने मिले वो आज कहाँ मिले ?
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